वैश्विक पूंजीवाद से लड़ने के लिए साथ आएं दुनिया के मजदूर

नाशिक, ०४ अप्रैल २०१८:

न्यू ट्रेड यूनियन इनिशिएटिव के अन्तराष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान भारत समेत अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, बांग्लादेश, श्रीलंका, एवं नेपाल के ट्रेड यूनियन नेताओं ने दुनिया के मजदूरों और उनके संगठनों को एकजुट हो कर वैश्विक पूंजीवाद एवं दक्षिणपंथ से लड़ने का आवाहन किया. एन.टी.यु.आई के अध्यक्ष एन.वासुदेवन ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा की दुनिया भर में दक्षिणपंथी ताक़तों को बढ़ावा मिला है जिसके कारण मजदूरों और आम लोगों के अधिकारों का हनन अपनी चरम सीमा पर पहुँच चूका है, अन्तराष्ट्रीय यूनियनों को जरूरत है की वे अपने सदस्यों को सम्मिलित कर आगामी लड़ाई के लिए तैयार करें.

एन.टी.यु.आई की अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन 4-5 अप्रैल 2018 को नाशिक में किया जा रहा है जिसमें एन.टी.यु.आई के सभासदों समेत अमेरिका के युनाईट हियर से जेफ्री बोय्ड एवं अश्विनी सुक्थंकर, जर्मनी से टाई नेटवर्क के माइकल फुटेरार, फ़्रांसिसी यूनियन सी.जी.टी के सिलवां गोल्डस्टीन, इंडस्ट्रीआल ग्लोबल यूनियन की अपूर्वा कैवार, नेपाल के जिफांट से जनक चौधरी,बांग्लादेश के एन.जी.डब्लू.ऍफ़ के अमीरुल-हक-अमिन एवं बी.टू.यु.सी के महमूद आलम और श्रीलंका के यूनाइटेड लेबरफेडरेशन के विजेपेला वीरकूं शामिल रहे.

इंडस्ट्रीआल की दक्षिण एशिया सचिव अपूर्वा कैवार ने एन.टी.यु.आई के सभासदों को यूनियन एवं कार्यस्थल पर यौन हिंसा के प्रति पूर्ण कठोरता की नीति को मूर्त रूप देने के लिए सराहना की और दक्षिण एशिया के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा की यूनियनों एवं कार्यस्थल पर महिलाओं की साझेदारी बढ़नी चाहिए. अमरीकी ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा की राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता के आने के बाद से श्रमजीवी लोगों पर दमन बढ़ गया है और यही कारण है कि अमेरिकी मजदूर वर्ग में हलचल हो रही है.

अधिवेशन के दौरान एन.टी.यु.आई के महासचिव गौतम मोदी ने कहा की नाशिक के एक औद्योगिक शहर होने के बावजूद यह शहर ट्रेड यूनियनों के मानचित्र से गायब ही रहा है. एन.टी.यु.आई प्रयासरत है कि ऐसे अधिवेशन मुंबई या दिल्ली तक सीमित न रह जायें बल्कि दोयम श्रेणी के शहरों में ज्यादा से ज्यादा ऐसे अधिवेशन हों जहाँ लोग न सिर्फ अपने विचार बल्कि एक दूसरे के संघर्षों में शामिल हो कर मजदूर वर्ग की लड़ाई को बल दे सकें.