कार्यस्थल पर यौन हिंसा और ठेका प्रथा के खात्मे के संकल्प के साथ समाप्त हुई एन.टी.यु.आई की चौथी आमसभा

कार्यस्थल पर यौन हिंसा और ठेका प्रथा के खात्मे के  संकल्प के साथ समाप्त हुई एन.टी.यु.आई की चौथी आमसभा

ट्रेड यूनियनों के महासंघ न्यू ट्रेड यूनियन इनिशिएटिव की नाशिक में आयोजित की जा रही चौथी आमसभा का आज समापन हो गया. तीन दिवसीय आमसभा में 17 राज्यों के 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और एन.टी.यु.आई के अगले चार साल के नेतृत्व का चुनाव किया. एन.टी.यु.आई की नई सचिवालय में एन.वासुदेवन – अध्यक्ष, गौतम मोदी – महासचिव, प्रदीप रॉय, कोषाध्यक्ष, रोमा मालिक , सुजाता मोदी, मिलिंद रानडे, एस. रामकुमार, एस. अनिल कुमार – सचिव होंगे. एस. रामकुमार और एस. अनिल कुमार दो नए सदस्य होंगे. अन्य सभी सदस्य सदस्यों का यह दूसरा सत्र होगा.

पुनर्निर्वाचन के उपरांत कॉ. गौतम मोदी ने कार्यकारिणी समिति के सदस्यों की घोषणा की जिनका प्रतिनिधियों ने तालियों के बीच स्वागत किया. अपने नए कार्यकाल में मजदूर वर्ग के संघर्ष को नई शक्ति प्रदान करने के संकल्प के साथ कॉ. मोदी ने यौन हिंसा के विरुद्ध यूनियन एवं कार्यस्थल पर पूर्ण कठोरता का संकल्प प्रस्ताव पारित किया. उन्होंने कहा की पूरे भारतवर्ष में एन.टी.यु.आई वह पहला ट्रेड यूनियन महासंघ है जिसने यौन हिंसा के प्रति पूर्ण कठोरता को अपने संविधान में शामिल किया है.

कॉ. वासुदेवन ने लगातार दूसरी बार अध्यक्ष चुने जाने के बाद लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा की देश की मेहनतकश वर्ग की जनता पर सरकार लगातार हमले तेज़ कर रही है अब समय आ गया है की हम इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दें. उन्होंने ने कहा की एन.टी.यु.आई ठेका प्रथा और मानधन वेतन आदि के नाम पर हो रहे मजदूरों के दोहन का पुरजोर विरोध करती है और संकल्प करती है की ठेका मजदूरी पर काम कर रहे मजदूरों को उनका हक मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा.

एन.टी.यु.आई के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता डी.थंकप्पन ने कार्यकारिणी के नवनिर्वाचित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा की एन.टी.यु.आई का नारा है – एकता, जनवाद, संघर्ष. आज के इस दौर में हमें जरूरत है की हम इस नारे को सच्चाई में बदल दें. उन्होंने आवाहन किया की एन.टी.यु.आई के सभी सदस्य अन्य प्रगतिशील ट्रेड यूनियनों के साथ एकजुट हों. ट्रेड यूनियन महासंघों के साथ एकता पर जोर देने के साथ-साथ उन्होंने स्थायी मजदूरों को ठेका मजदूरों और पुरुष मजदूरों को महिला मजदूरों के लिए साथ भ्रातृत्व भाव बना कर पूंजीवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करने को कहा.

नई कार्यकारिणी के सदस्यों ने पिछले दो दिन में प्रस्तुत किये गए प्रस्तावों पर गहन चर्चा कर उन्हें पारित किया. इन दो नए प्रस्तावों में एन.टी.यु.आई ने भाजपा सरकार समेत देश की अन्य फासीवादी ताक़तों जो जड़ से उखड फेंकने और ठेका प्रथा को समाप्त करने का संकल्प किया.

एन.टी.यु.आई की आमसभा में फ्रांस के सी.जी.टी से कॉ.पैरे सोल्वोस एवं सिलवां गोल्डस्टीन जापान के जेनरोरेन से कॉ.मिसामिची वातानाबे एवं इत्सुको, श्रीलंका के फ्री ट्रेड जोन एवं जनरल एम्प्लाइज यूनियन के कॉ.एंटन मारकस, नेपाल के जिफांट से जनक चौधरी, बांग्लादेश के एन.जी.डब्लू.ऍफ़  के अमीरुल-हक-अमिन और श्रीलंका के विजेपेला वीरकूं और बांगलादेश के बी.टू.यु.सी के महमूद आलम शामिल रहे.