मज़दूरों की नहीं मालिकों की पक्षधर है श्रम संहिता

भाजपा सरकार ने लोक सभा में दो विधेयक पेश किये हैं – मजदूरी संहिता 2019 एवं उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2019। मजदूरी संहिता निवर्तमान 4 श्रम क़ानूनों – न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, मजदूरी संदाय अधिनियम, बोनस संदाय अधिनियम और समान पारिश्रमिक अधिनियम को समेकित और संशोधित करने की ओर लक्षित है। वहीं, सुरक्षा, स्वास्थ्य […]

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Union Budget 2019-20: Same old wheel, neither oiled nor cleaned

In the General Elections just past, the Bharatiya Janata Party made virtually no material promises to the people of the country. Consequently, the Union Budget 2018-19 offers nothing to anyone except to foreign and Indian capital. In the opening statement of Budget Statement 2019 (BS), the BJP government identifies ‘India Inc’ as ‘India’s job creators’ […]

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आर्थिक संकट व अपेक्षित परिणामों पर मौन केंद्रीय बजट 2019-20

गए आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने देशवासियों से कोई ठोस भौतिक वादे किये ही नहीं थे इसीलिए यह केंद्रीय बजट सिर्फ देशी और विदेशी पूंजीपतियों की ताबेदारी करता है। बजट की इब्तिदाई कथन में ही भाजपा सरकार मानती है कि ‘इंडिया इंक’ यानि भारत की निजी बड़ी कंपनियां ‘रोजगार के सृजनकर्ता हैं’ और […]

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